दलित को घर सहित जिन्दा जलाने के मामले में नामजदों की गिरफ्तारी ना होने पर दिया ज्ञापन

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-दिनेश बालाच की रिपोर्ट-
करौली– दलित अत्याचार पर खामोश प्रशासन को उचित कार्यवाहीं करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने और पीड़ित को मुआवजा दिलाने को लेकर अखिल भारतीय खटीक समाज युवा मोर्चा ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन सौंपा है।
बता दें कि एक माह पहले राजस्थान के करौली जिले में एक दलित को घर मे सोते हुए जिंदा जलाया था। इस गाँव मे एकमात्र खटीक समाज का एक ही परिवार रहता है। गांव के दबंगो के द्वारा भरोसी लाल के बेटे को घास फूस के बने झुपे सहित आग के हवाले कर दिया था। जिसमे मोनू उम्र 25 वर्ष की जिंदा जलकर मौत हो गयी थी। मोनू के पिता द्वारा भरोसी लाल खटीक के द्वारा थाना सपोटर में नामजद मुकदमा दर्ज करवाया था। लेकिन 25 की बीतने के बाद भी किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नही हो सकी है। ओर तो ओर भरोसी लाल के गरीब परिवार का सब कुछ राख होने के बाद भी प्रशासन के द्वारा कोई भी आर्थिक सहयोग या मुआवजा नही दिया गया। प्रशासन कोई सुध नही ले रहा है। आखिर प्रशासन कभी भी दलितों का हमदर्दी नही रह है।
ऐसे पीड़ित दलित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अखिल भारतीय खटीक समाज युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने आगे आकर कलैक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग सहित उच्च अधिकारियों से पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
अखिल भारतीय खटीक समाज युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राज सामरिया ने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार चरम पर है। करौली के पीड़ित भरोसीलाल के परिवार को इंसाफ और मुआवजा जल्द दिलाया जाए, इसके लिए ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित दलित परिवार को न्याय और मुआवजा नहीं मिलता है तो खटीक समाज जन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
इस मौके पर अखिल भारतीय खटीक समाज युवा मोर्चा राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष राज सामरिया, सचिव हरिशंकर सांवरिया, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण नागौरा सहित समाज के अनेक लोग शामिल रहे।

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